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Jaya Ekadashi 2026 Date: 28 या 29 फरवरी, जया एकादशी कब है? जानें सही तारीख, मुहूर्त और व्रत के नियम


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explain ekadashi kab ki hai in 500 words
  • एकादशी भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण दिन है, जिसे विशेष रूप से उपवास और ध्यान के लिए समर्पित किया जाता है। यह दिन हर महीने की कृष्ण पक्ष (अंधेरे पक्ष) और शुक्ल पक्ष (रोशनी पक्ष) के 11वें दिन आता है। एकादशी का अर्थ है "ग्यारह," और इसका महत्व विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से है।
  • एकादशी का पालन करने वाले भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। इसे विष्णु के प्रिय दिनों में से एक माना जाता है। हिंदू धर्म में, एकादशी को विशेष रूप से आत्मा की शुद्धि, मानसिक शांति और भक्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भक्त लोग अपने पापों को धोने और अपने जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए उपवास करते हैं।
  • एकादशी के दिन, भक्त विशेष रूप से फल, दूध, और सूखे मेवे का सेवन करते हैं, और कई लोग पूर्ण उपवास रखते हैं, जिसमें वे केवल जल का सेवन करते हैं। यह दिन ध्यान और प्रार्थना के लिए भी आदर्श माना जाता है। भक्त लोग इस दिन भगवान विष्णु की भक्ति में लीन रहते हैं और उनके नाम का जाप करते हैं।
  • एकादशी का पालन करने के पीछे कई धार्मिक और आध्यात्मिक कारण हैं। कहा जाता है कि इस दिन उपवास रखने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, यह दिन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है, क्योंकि उपवास से शरीर को आराम मिलता है और आत्मा को शांति मिलती है।
  • भक्तों के बीच एकादशी के कई प्रकार होते हैं, जैसे कि नीरजला एकादशी, पार्वण एकादशी, हरिवासर एकादशी आदि। प्रत्येक एकादशी का अपना एक विशेष महत्व और पूजा विधि होती है। उदाहरण के लिए, नीरजला एकादशी का पालन विशेष रूप से कठिन माना जाता है, क्योंकि इस दिन भक्त केवल जल का सेवन करते हैं और किसी भी प्रकार का भोजन नहीं करते।
  • एकादशी के दिन कई लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर पूजा करते हैं और सामूहिक रूप से भक्ति गीत गाते हैं। यह दिन एकता, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक होता है। भक्त लोग इस दिन भगवान विष्णु की मूर्ति को स्नान कराते हैं, उन्हें फूल, फल और मिठाई अर्पित करते हैं, और विशेष प्रार्थनाएं करते हैं।
  • वास्तव में, एकादशी का पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि और मानसिक शांति का एक माध्यम है। यह दिन हमें सिखाता है कि संयम, तप और भक्ति के माध्यम से हम अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए यह एक आदर्श दिन है, और इसे मनाने से हमें आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाता है।
  • अंत में, एकादशी न केवल एक धार्मिक दिन है, बल्कि यह हमारे जीवन में संतुलन और शांति लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।
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